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देहरादून: पुलिस ढूंढती रह गई, लेकिन बिल्डर दंपती तीन दिन बाद ही नेपाल फरार—अब पासपोर्ट भी हुए रद्द

On: November 28, 2025 6:40 AM
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देहरादून में चर्चित बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी के रहस्यमयी ढंग से लापता होने के बाद मामला और उलझता जा रहा है। हापुड़ और देहरादून पुलिस जहां लगातार दोनों की तलाश में लगी रही, वहीं यह खुलासा हुआ है कि दंपती गायब होने के मात्र तीन दिनों के भीतर ही नेपाल पहुंच चुका था। निवेशकों को जब इसकी भनक लगी, तो वे खुद भी उनकी तलाश में जुट गए, लेकिन तब तक दोनों वहां से भी फुर्र हो चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दोनों के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं।
सूत्रों ने यह भी पुष्टि की है कि गर्ग के परिवार के अन्य सदस्यों के पासपोर्ट गाजियाबाद कार्यालय से निर्गत हुए थे। पुलिस और निवेशकों की टीम लगातार शाश्वत की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, किंतु वह दोनों की पकड़ से अब तक बचा हुआ है।
सोची-समझी योजना के तहत गायब हुआ बिल्डर दंपती
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को शाश्वत गर्ग योजनाबद्ध तरीके से हापुड़ स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। उसी शाम वह देहरादून के लिए निकल पड़ा और इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। उसकी पत्नी साक्षी ने भी अपना मोबाइल बंद कर लिया, जिससे दोनों की लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिल सका।
हापुड़ पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि गर्ग के नाम पर भारी लेनदेन और वित्तीय विवाद चल रहे थे, जिसके चलते आशंका जताई गई कि वह स्वयं ही अपनी मर्जी से लापता हुआ है। इसी बीच, गर्ग की कार हरिद्वार की एक पार्किंग में खड़ी मिली, जिससे और संदेह गहरा गया।
नेपाल तक पहुंची तलाशी—लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा
निवेशकों द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक 21 अक्टूबर को शाश्वत और साक्षी मुंबई पहुंचे। वहां से वे रॉयल एयरलाइंस की एक फ्लाइट लेकर काठमांडू रवाना हो गए। काठमांडू के एक होटल में दोनों के ठहरने की बात सामने आई थी।
निवेशकों ने होटल में फोन कर पुष्टि भी की, लेकिन वे बातचीत नहीं करना चाहते थे ताकि शाश्वत को शक न हो। अगले दिन कुछ निवेशक सड़क मार्ग से काठमांडू पहुंचे, लेकिन होटल में जांच करने पर पता चला कि उस नाम से कोई भी व्यक्ति वहां ठहरा ही नहीं था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि दंपती लगातार ठिकाना बदल कर जांच से बचने की कोशिश कर रहा है।
रेरा कार्रवाई के बाद अब पासपोर्ट हुए रद्द
बढ़ते विवादों के बीच RERA ने शाश्वत गर्ग के थानो रोड स्थित प्रोजेक्ट की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राजपुर थाने में शाश्वत और उसके कुछ परिजनों के खिलाफ FIR भी दर्ज हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी गढ़वाल ने एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी, जो पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।
इन सभी घटनाक्रमों के बाद निवेशक पासपोर्ट कार्यालय पहुंचे और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी के पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं, ताकि वे किसी अन्य देश में न भाग सकें।

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