देहरादून: उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास अभिकरण (यूयूएसडीए) ने दावा किया है कि देहरादून शहर में चल रही पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं के कारण खोदी गई लगभग 300 किलोमीटर सड़कों में से 246 किलोमीटर को अब तक स्थायी रूप से पक्का किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, शेष सड़कों का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
परियोजना के तहत वर्ष 2022 में शहर के बंजारावाला, मोथरोवाला, टीएचडीसी-देहराखास, जोगीवाला-रिंग रोड, मोहकमपुर-नत्थनपुर और नकरौंदा समेत कई क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी। इसके बाद वर्षाकाल और प्राकृतिक बैठाव के चलते कई जगहों पर भू-धंसाव की स्थिति बन गई थी। इस दौरान यूयूएसडीए ने इन मार्गों पर जीएसबी डालकर अस्थायी रूप से सुधार कार्य किया था।
अब मानसून समाप्त होने के बाद विभाग ने सड़कों के स्थायी पक्कीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। यूयूएसडीए के अनुसार, शहर की अधिकांश गलियों को सीमेंट कंक्रीट (सीसी) से, जबकि मुख्य मार्गों और ब्रांच रूटों को ब्लैक टॉप (बीटी) तकनीक से पक्का किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर इंटरलॉक टाइल्स का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़कों की मजबूती और सौंदर्य दोनों में सुधार होगा।
अधिकारियों ने बताया कि यूयूएसडीए सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की मरम्मत की आवश्यकता न्यूनतम हो। सड़कों के पक्कीकरण से शहर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और लोगों को लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों से राहत मिलेगी।
दिल्ली धमाके के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम अलर्ट, बसों की सख्त चेकिंग के आदेश
दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) ने प्रदेशभर में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी है। निगम मुख्यालय ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सभी डिपो अधिकारियों को बसों की पूरी तरह से जांच के बाद ही संचालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति ने बताया कि सभी मंडलीय प्रबंधक (संचालन एवं तकनीकी) को बसों, बस अड्डों और यात्रियों के सामान की सुरक्षा जांच के आदेश दिए गए हैं। चालक और परिचालक को निर्देशित किया गया है कि वे यात्रियों का सामान बस में रखने से पहले ध्यानपूर्वक जांचें, और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
साथ ही बस अड्डों, कार्यालय परिसरों, यात्री शेड, पानी के टैंक और शौचालयों के आसपास लावारिस वस्तुओं की विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि केवल उन्हीं यात्रियों को बस में सामान रखने की अनुमति दी जाए, जो बस में यात्रा कर रहे हों, ताकि किसी संदिग्ध स्थिति में व्यक्ति की पहचान आसानी से की जा सके।
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच में किसी भी तरह की लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि आदेश मिलते ही सभी बसों की जांच के बाद ही उन्हें रूट पर भेजा गया है। यह चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
देहरादून में सड़कों के पक्कीकरण पर यूयूएसडीए का जोर, दिसंबर तक पूरे होंगे शेष कार्य
On: November 12, 2025 5:21 AM





