पर्यावरण संरक्षण और विकास में संतुलन पर दिया जोर, रोजगार सृजन की दिशा में सरकार के प्रयासों की चर्चा
रामनगर में गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन वन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भौतिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा में पर्यावरण संरक्षण हमेशा से जुड़ा रहा है और राज्य सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में 62 नए पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य चल रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बाघ, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड, हाथी जैसे वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो कि उत्तराखंड के सफल संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही लकड़ी आधारित उद्योग नीति लागू करने जा रही है, जिससे वन उत्पादों का सही उपयोग हो सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए 15 से अधिक स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में वन्यजीव संरक्षण, पौधारोपण, रेस्क्यू उपकरणों, उपचार मशीनों, और विभागीय योजनाओं की जानकारी से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई गई थीं। महिला समूहों ने अपने द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्तुएं और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के छात्रों के लिए वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण पर पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने अपने चित्रों के माध्यम से वन्यजीवों के महत्व और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया।
महोत्सव में कार्बेट टाइगर रिजर्व, कुमाऊं मंडल के विभिन्न वन प्रभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक आर.के. मिश्र, मुख्य वन संरक्षक तेजश्विनी पाटिल, कार्बेट निदेशक साकेत बडोला, डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या, तथा वन सचिव रमेश कुमार सुधांशु सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
रामनगर के नगर वन में आयोजित कुमाऊं स्तरीय जन वन महोत्सव में आने वाले दिनों में भी वन्यजीव संरक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों और विद्यार्थियों की प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि विकास के हर प्रयास में पर्यावरणीय दृष्टिकोण शामिल हो। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पेड़ लगाएं, वन्यजीवों की रक्षा करें और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भागीदार बनें।
महोत्सव के बाद मुख्यमंत्री राजकीय महाविद्यालय, रामनगर में आयोजित स्काउट-गाइड के रोवर रेंजर कार्यक्रम में भी शामिल हुए। कार्यक्रमों की श्रृंखला पूरी करने के उपरांत वे देहरादून के लिए रवाना हुए।
इस तरह, जन वन महोत्सव न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का मंच बना, बल्कि यह राज्य की हरित विरासत और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ।
देहरादून को लौट जाएंगे।
रामनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया जन वन महोत्सव का शुभारंभ
On: November 6, 2025 11:06 AM





