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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया नैनीताल राजभवन के मुख्य द्वार का शिलान्यास, 125वीं वर्षगांठ पर हुआ भव्य आयोजन,राज्यपाल भी रहे उपस्थित

On: November 4, 2025 10:11 AM
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नैनीताल के ऐतिहासिक राजभवन में मंगलवार को एक विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य द्वार का शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम राजभवन की स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
राजभवन की इस नई पहल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नैनीताल राजभवन, जो पिछले सवा सौ वर्षों से राज्य की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक रहा है, आज भी अपनी अनोखी स्थापत्य कला, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक गरिमा के कारण विशेष स्थान रखता है।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि राजभवन केवल एक प्रशासनिक इमारत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की गौरवशाली विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है। इस धरोहर का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि राजभवन की 125वीं वर्षगांठ राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका आगमन राज्य के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यपाल सचिव रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में राजभवन के ऐतिहासिक महत्व पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें इसके स्थापत्य विकास और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया।
राजभवन नैनीताल का यह नया मुख्य द्वार न केवल वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण होगा, बल्कि यह 125 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक बनकर राज्य की ऐतिहासिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा।

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