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Uttarakhand लालकुआं में महिला सुरक्षा पर सवाल: सिडकुल से लौट रही युवती से छेड़छाड़, राहगीरों की सूझबूझ से बची बड़ी वारदात

On: October 31, 2025 6:58 AM
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लालकुआं (उधमसिंह नगर) — पंतनगर सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत युवती के साथ गुरुवार देर रात घर लौटते समय बड़ी अनहोनी होते-होते टल गई। घर से मात्र 10 मीटर की दूरी पर तीन युवकों ने युवती को जबरन स्कॉर्पियो में खींचने का प्रयास किया। लेकिन राहगीरों और युवती के परिजनों की तत्परता ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। स्थानीय लोगों ने तीनों युवकों को पकड़कर उनकी जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे युवती कंपनी की बस से हाईवे पर उतरी। घर बस कुछ ही दूरी पर था, इसलिए वह पैदल चल पड़ी। तभी पीछे से सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी आई, जिसमें सवार तीन युवक युवती पर अशोभनीय टिप्पणियाँ करने लगे। युवती के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका रास्ता रोका और गाड़ी में जबरन बैठाने का प्रयास किया। युवती ने साहस दिखाते हुए खुद को छुड़ाया और जोर-जोर से शोर मचाया।

शोर सुनते ही उसके परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों और राहगीरों ने मिलकर तीनों आरोपियों को घेर लिया और पकड़कर उनकी जमकर धुनाई की। इस बीच युवती ने भी हिम्मत नहीं हारी — उसके बाएं हाथ पर प्लास्टर बंधा होने के बावजूद उसने स्कॉर्पियो पर पत्थर बरसाए और आरोपियों को रोकने की पूरी कोशिश की। यह घटना आसपास के लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों — अनिल कुमार आर्य निवासी राजीव नगर प्रथम बिंदुखत्ता, चंदन आर्य और विनोद आर्य निवासी शिव मंदिर कार रोड बिंदुखत्ता — को हिरासत में ले लिया है। कोतवाल बृजमोहन राणा ने बताया कि युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और स्कॉर्पियो वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

एएसपी मनोज कत्याल ने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिडकुल क्षेत्र की कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी ताकि रात के समय बस स्टॉप और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त इंतज़ाम हैं या नहीं। युवती की हिम्मत और स्थानीय लोगों की सजगता के कारण भले ही एक बड़ी वारदात टल गई, लेकिन यह घटना महिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता अवश्य उत्पन्न करती है।

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