उत्तराखंड और मेरठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बच्चे की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरोहा से जियारत के लिए कलियर पहुंचे एक परिवार का तीन माह का बच्चा अगवा कर लिया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे को मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में रहने वाले एक व्यापारी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
कलियर से अगवा, मेरठ में बेचा गया मासूम
अमरोहा जिले के मोहल्ला कुरेशी निवासी जहीर अंसारी अपनी पत्नी शमा और तीन माह के बेटे अबुजर के साथ शुक्रवार को कलियर शरीफ में जियारत के लिए पहुंचे थे। रात को परिवार ने साबरी गेस्ट हाउस के सामने एक अस्थायी दुकान में विश्राम किया। तड़के करीब साढ़े तीन बजे जहीर चाय लेने गया, और जब वापस लौटा तो पत्नी के बगल में सोया बच्चा गायब था। घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सीसीटीवी से मिला सुराग, स्कार्पियो में ले जाया गया था बच्चा
कलियर पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बच्चा स्कार्पियो कार में ले जाया जाता दिखा। वाहन का पीछा करते हुए पुलिस मेरठ जिले के लक्खीपुरा पहुंची, जहां से सलमा, शहनवाज और आशु लगड़ा नामक तीन आरोपितों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों ने बच्चे के अपहरण की बात कबूल की और बताया कि उन्होंने बच्चे को कंकरखेड़ा के नगलातांशी निवासी कारोबारी विशाल गुप्ता को छह लाख रुपये में बेच दिया।
कारोबारी के घर से मिला बच्चा
कलियर और कंकरखेड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए विशाल गुप्ता के घर से मासूम अबुजर को सुरक्षित बरामद किया। आरोपी व्यापारी को भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि सलमा, शहनवाज और आशु ने बिक्री की रकम को आपस में दो-दो लाख रुपये बांट लिया था। सलमा ने अपनी हिस्सेदारी से एक स्कूटी भी खरीदी थी, जबकि अन्य आरोपितों से पुलिस ने रकम बरामद कर ली है।
12 साल से संतान न होने पर खरीदा था बच्चा
गिरफ्तार व्यापारी विशाल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी को 12 साल हो चुके हैं, लेकिन उनके यहां कोई संतान नहीं है। इसी कारण वह इन लोगों के संपर्क में आया था। आरोपितों ने उसे बच्चा दिलाने की बात कही और शनिवार को सौदा तय होने पर छह लाख रुपये में अबुजर को दे दिया।
गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, अन्य सदस्यों की तलाश जारी
कलियर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि चारों आरोपितों को मुकदमे में नामजद किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह धार्मिक स्थलों से बच्चों को अगवा कर उन्हें ऐसे परिवारों को बेचता है, जिनके यहां संतान नहीं होती।
पुलिस ने बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया है और पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है।





