उत्तराखंड कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में राज्यहित में कई बड़े और अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कुल आठ प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई, जिनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोशन, देहरादून फ्रीज ज़ोन में निर्माण की छूट, स्वास्थ्यकर्मियों के तबादले और पदोन्नति, निगमों के लाभ का हिस्सा सरकार को देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
• मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी में बदला जाएगा
राज्य के सभी मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को अब पूर्ण आंगनवाड़ी का दर्जा दिया जाएगा, जिससे वहां की कार्यकर्ताओं को अधिक सुविधाएं और संसाधन मिल सकेंगे।
• आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पदों पर 50% प्रमोशन का लाभ
सुपरवाइजर पद की भर्ती में अब 50 प्रतिशत पद सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति के आधार पर दिए जाएंगे, जिससे ग्राउंड स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
• देहरादून के फ्रीज जोन में छोटे घरों और दुकानों के लिए राहत
रायपुर क्षेत्र सहित देहरादून के फ्रीज जोन में अब छोटे आवास और दुकानों के निर्माण को अनुमति प्रदान की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
• स्वास्थ्यकर्मियों को तबादले और पदोन्नति में नई व्यवस्था
जिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों ने पांच वर्ष तक संतोषजनक सेवा दी है, उन्हें अपने सेवाकाल में एक बार दूसरे जनपद में तबादले और पदोन्नति के साथ स्थिलीकरण (स्टेबलाइजेशन) का लाभ मिलेगा।
• समान नागरिक संहिता के अंतर्गत विशेष पंजीकरण व्यवस्था
विवाह पंजीकरण हेतु अब नेपाली, भूटानी और तिब्बती नागरिकों के लिए विदेशी नागरिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (FRC) को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
• पदोन्नति में स्थिलीकरण नीति को मंजूरी
राज्य कार्मिकों को सेवाकाल में एक बार स्थिलीकरण का लाभ दिया जाएगा, जिससे उनकी पोस्टिंग स्थिर और अधिक अनुकूल बन सकेगी।
• विधानसभा मानसून सत्र का सत्रावसान स्वीकृत
विधानसभा के चालू मानसून सत्र को विधिवत समाप्त करने की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा दी गई।
• राज्य स्थापना की रजत जयंती पर विशेष सत्र का आयोजन
उत्तराखंड के राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
• सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों को मुनाफे का हिस्सा सरकार को देना अनिवार्य
राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अब अपने शुद्ध लाभ का 15% हिस्सा राज्य सरकार को अनिवार्य रूप से देना होगा।
ये निर्णय राज्य में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और आम जनता को राहत प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं। खासतौर पर आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए फैसलों से जमीनी स्तर पर काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा।
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में आठ महत्वपूर्ण फैसले: आंगनवाड़ी से लेकर निगमों की आय तक बड़े बदलाव
On: October 13, 2025 9:01 AM





