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देहरादून जू में जल्द दिखेगा सफेद बाघ, पर्यटकों के रोमांच में होगा इज़ाफ़ा

On: October 10, 2025 10:03 AM
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देहरादून स्थित प्रसिद्ध मालसी डियर पार्क, जिसे अब देहरादून जू के नाम से जाना जाता है, जल्द ही अपने दर्शकों के लिए एक नया और अनोखा आकर्षण लेकर आने वाला है। जू बोर्ड की हाल ही में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अगले दो महीनों के भीतर सफेद बाघ को जू में लाया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए ओडिशा के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क से समझौते की प्रक्रिया चल रही है।
सफेद बाघ की तैयारी जोरों पर
सफेद बाघ को लाने की योजना वन विभाग की एक बड़ी पहल मानी जा रही है। यह न केवल देहरादून जू की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को भी एक नया और अद्भुत अनुभव मिलेगा। इस प्रस्ताव ने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय जनता में खासा उत्साह भर दिया है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख वन सचिव आरके सुधांशु ने बाघ के स्वास्थ्य, सुरक्षा, आवास और संपूर्ण देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सफेद बाघ के लिए एक उपयुक्त पर्यावरण, झुंड आकार और अनुकूल आवास तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जू परिसर
जू के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं:
• मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था
• नए और स्वच्छ शौचालयों का निर्माण
• क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टिकटिंग प्रणाली
• आगंतुकों से फीडबैक प्राप्त करने की सुविधा
• ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम
• स्मारिका (सुविनियर) दुकानों की स्थापना
• सौंदर्यीकरण एवं संरचनात्मक सुधार
इन सभी कार्यों का उद्देश्य जू को अधिक आधुनिक, पर्यटक-अनुकूल और सुविधाजनक बनाना है।
प्रस्तावित आदान-प्रदान: चार तेंदुए देंगे, एक सफेद बाघ आएगा
वन विभाग की योजना के अनुसार, सफेद बाघ को प्राप्त करने के लिए चार तेंदुओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। यह प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की स्वीकृति के अधीन है। जैसे ही अनुमति मिलती है, प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।
देहरादून जू की खासियत
वर्ष 1976 में स्थापित देहरादून जू, यानी मालसी डियर पार्क, लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह शहर के प्रमुख वन्यजीव-पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पहले से ही हिरण, नीलगाय, सांभर, मगरमच्छ, रंग-बिरंगे पक्षी, सांप और एक्वेरियम में दुर्लभ मछलियों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
अब सफेद बाघ के आने से इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ने की उम्मीद है। यह कदम न केवल राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को सशक्त करेगा, बल्कि देहरादून को एक और प्रमुख पर्यटक आकर्षण भी प्रदान करेगा।
अगर आप चाहें तो इसे समाचार लेख, प्रेस विज्ञप्ति, या किसी अन्य विशेष प्रारूप में भी ढाला जा सकता है।

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