उत्तराखंड सरकार ने केंद्र के समक्ष महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों के विकास पर केंद्रित व्यापक योजना पेश की है, जिससे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में मदद मिले। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सुझाव दिया कि स्थानीय निकायों के बजट का 10 प्रतिशत हिस्सा महिला और बच्चों के कल्याण के लिए आवंटित किया जाए।
वर्चुअल बैठक में मंत्री आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नापूर्णा देवी के साथ 20 से अधिक सुझाव साझा किए। उन्होंने महिला कार्यबल को बढ़ावा देने, आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने और तकनीकी कौशलयुक्त वर्कफोर्स तैयार करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और आंगनबाड़ी केंद्रों के डिजिटलीकरण की आवश्यकता बताई।
मुख्य सुझावों में शामिल हैं:
किशोरी बालिका परियोजना का सभी जिलों में विस्तार और कौशल विकास पर जोर।
शिशुओं के पोषण मानक दर में सुधार।
आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत बजट को 3 हजार से बढ़ाकर 10 हजार करना।
मनरेगा में आंगनबाड़ी निर्माण में 80% सामग्री और 20% श्रमिक खर्च सुनिश्चित करना।
टेक होम राशन योजना में फेस रीडिंग और ओटीपी सिस्टम शामिल करना।
मिशन शक्ति के लिए आईटी विशेषज्ञ की नियुक्ति।
पीएम मातृवंदन पोर्टल को यूजर फ्रेंडली बनाना।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रवृत्ति।
वन स्टॉप सेंटर के लिए दो वाहन आवंटित करना।
मिशन वात्सल्य में गोद लेने में स्थानीय प्राथमिकता।
स्पॉन्सरशिप योजना का व्यापक लाभ सुनिश्चित करना।
मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के कर्मचारियों के मानदेय में वार्षिक वृद्धि।
मंत्री आर्या ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।





