एम्स चौराहा क्षेत्र बना तनाव का केंद्र, पुलिस ने पांच लोगों को लिया हिरासत में
ऋषिकेश। एम्स के पास अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर निगम और पुलिस के संयुक्त अभियान को मंगलवार दोपहर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने कर्मचारियों पर गरम कढ़ी-राजमा फेंक दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई महिलाएं और युवक सड़क पर उतर आए और जेसीबी के आगे लेटकर अभियान रोकने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और चार महिलाओं व एक युवक को हिरासत में लिया।
अभियान के दौरान कढ़ी-राजमा बना विरोध का हथियार
घटना दोपहर करीब साढ़े बारह बजे की है, जब पुलिस व नगर निगम की टीम बैराज रोड स्थित एम्स चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम ने जैसे ही नो पार्किंग व जीरो जोन घोषित क्षेत्र से ठेलियां और सामान उठाना शुरू किया, अतिक्रमणकारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटकर रास्ता रोका तो वहीं एक महिला ने चालक पर पत्थर उठाकर फेंकने की कोशिश की।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने महिलाओं को हटाया, लेकिन तभी कुछ अतिक्रमणकारियों ने ठेली पर रखे पतीलों से गरम कढ़ी-राजमा उठाकर पुलिस और निगम कर्मचारियों पर फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। कई कर्मचारियों के कपड़े कढ़ी-राजमा से भीग गए, लेकिन किसी तरह संयुक्त टीम ने खुद को संभालते हुए कार्रवाई जारी रखी।
20 से अधिक अतिक्रमण हटाए, पांच लोग गिरफ्तार
हंगामे के बीच नगर निगम और पुलिस ने करीब दो दर्जन अतिक्रमण हटाए। वहीं चार महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया। वरिष्ठ उप निरीक्षक एसएस राणा ने बताया कि अतिक्रमण करने वालों की पहचान की जा रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ चल रही है।
एम्स चौराहा घोषित है ‘नो पार्किंग-नो वेडिंग जोन’
नगर निगम ने पहले ही एम्स चौराहे (शिवाजी नगर मुख्य द्वार) के चारों ओर 50 मीटर तक नो पार्किंग और नो वेडिंग जोन घोषित किया है। इस क्षेत्र को ‘जीरो जोन’ तय किया गया है। बावजूद इसके यहां आए दिन लोग ठेली-रेहड़ी खड़ी कर लेते हैं। चूंकि एम्स में रोज हजारों लोग इलाज के लिए आते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में बाहर से आकर भी लोग खाने-पीने की ठेलियां लगाते हैं।
इसी वजह से यह इलाका लंबे समय से विवादों का केंद्र रहा है। कुछ समय पहले चले अतिक्रमण विरोधी अभियान में यह भी खुलासा हुआ था कि एम्स के कुछ कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर ठेलियां लगवाई हुई हैं। वहीं कई लोगों ने ठेली खड़ी कराकर दूसरों से किराया वसूलना शुरू कर दिया था।
अतिक्रमण पर राजनीति का साया
एम्स चौराहे के बाहर अतिक्रमण का मुद्दा सिर्फ प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन चुका है। हर बार अतिक्रमण हटाओ अभियान में विवाद होता है और कई बार स्थानीय नेताओं का दबाव भी सामने आता है। यही कारण है कि यहां बार-बार तनाव की स्थिति बनती रहती है।





