मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य और उनके हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में लागू सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के कारण भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी हुई हैं। इसी से बीते चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली और 100 से ज्यादा नकल माफिया जेल भेजे गए। धामी ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए वे सिर झुका भी सकते हैं और जरूरत पड़ी तो बलिदान भी दे सकते हैं।
सीबीआई जांच युवाओं की मांग पर
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में नकल मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा युवाओं की मांग पर की गई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युवाओं को राजनीति का ढाल बनाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उनकी भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
चारधाम यात्रा और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा
धामी ने कहा कि इस साल अब तक 42 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। साथ ही, राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने के लिए ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों पर काम जारी है।
निवेश और स्थानीय उत्पादों को समर्थन
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में हुए समझौतों में से अब तक एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर आ चुकी हैं। “एक जनपद, दो उत्पाद” और “हाउस ऑफ हिमालयाज” जैसी पहल से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिली है और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानून
धामी ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानून सख्ती से लागू किए गए हैं। अब तक नौ हजार एकड़ भूमि को “लैंड जिहाद” से मुक्त कराया गया है और अवैध मदरसों पर कार्रवाई की गई। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है।
स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ” के मंत्र को अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाए, बल्कि निवेश, पारदर्शी शासन और युवाओं के सशक्तिकरण का भी केंद्र बने।





