मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अपना अभियान लगातार जारी रखते हुए मंगलवार को तीन बहुमंजिला भवनों पर सील की कार्रवाई की। यह कार्रवाई मुख्य रूप से सहस्रधारा रोड और नेहरू कॉलोनी में की गई।
कौन-कौन से निर्माण हुए प्रभावित
इस कार्रवाई में पेसेफिक गोल्फ सहस्रधारा रोड पर मयंक गुप्ता, कुल्हान मानसिंह सहस्रधारा रोड पर सूरजा हैदर और नेहरू कॉलोनी आवास विकास क्षेत्र में वैभव बजाज के अवैध निर्माण शामिल थे। कार्रवाई के दौरान निर्माण स्थलों पर अफरातफरी का माहौल देखा गया और नियमों का उल्लंघन कर रहे बिल्डरों में हड़कंप मच गया।
एमडीडीए अधिकारियों की मौजूदगी
कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के सहायक अभियंता शैलेंद्र सिंह रावत, अवर अभियंता गौरव तोमर, विदिता सुपरवाइज़न टीम, सहायक अभियंता राजेंद्र बहुगुणा और अवर अभियंता यशपाल मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि कार्रवाई सुचारू और प्रभावी तरीके से संपन्न हो।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण और प्लाटिंग को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि शहर में नागरिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाए।”
शहरी विकास में एमडीडीए की सक्रियता
एमडीडीए ने यह भी बताया कि यह अभियान केवल तीन भवनों तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण पूरे शहर में अवैध निर्माणों की निगरानी कर रहा है और भविष्य में भी किसी भी उल्लंघन के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। अधिकारी लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर रहे हैं ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कदम से बिल्डरों और नागरिकों दोनों को साफ संदेश मिला है कि मसूरी-देहरादून में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शहर का विकास योजनाबद्ध और सुरक्षित तरीके से ही होगा।
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