देहरादून में हाल ही में आयोजित प्रतियोगी परीक्षा को लेकर छात्रों के बीच मतभेद गहरा गए हैं। संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा छात्र संघ के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि परीक्षा में कोई व्यापक पेपर लीक नहीं हुआ है। यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो वह केवल एक परीक्षा केंद्र तक ही सीमित रही होगी। ऐसे में किसी भी निर्णय को उसी परीक्षा केंद्र तक सीमित रखना चाहिए, पूरी परीक्षा को रद्द करना उचित नहीं होगा।
इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि परीक्षा रद्द कराने की मांग करने वाले गुट को यह बात नागवार गुजरी। जब छात्रसंघ के पदाधिकारी मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगौली से मिलकर लौट रहे थे, तो रास्ते में नेपाली फार्म पर उनके वाहन को रोककर उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना की जांच रायवाला पुलिस कर रही है।
छात्रों ने सचिव को दिए ज्ञापन में कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन रही। परीक्षा शुरू होने के लगभग आधे घंटे बाद प्रश्नपत्र की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर जरूर सामने आईं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि परीक्षा लीक हुई थी। इसके विपरीत, कुछ लोग पहले से ही परीक्षा को बाधित करने और अब उसके परिणाम को निरस्त कराने की साजिश रच रहे हैं।
छात्र संघ ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा रद्द की गई, तो यह उनकी वर्षों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी किए जाएं, ताकि हजारों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
सचिव ने छात्रों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में इशांत रौथाण, रामपाल सिंह, विनोद आजाद, उमेश कुमार, मोहित, धुरेंद्र, अर्जुन सिंह, मनेंद्र कुमार और शिवम शामिल थे।
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