UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर के पेज सोशल मीडिया पर वायरल, आयोग ने जांच के लिए पुलिस और एसटीएफ को पत्र भेजा

प्रदेश में रविवार को सुबह 11 बजे 445 परीक्षा केंद्रों पर यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा शुरू हुए महज 35 मिनट के भीतर ही एक परीक्षा केंद्र से पेपर के तीन पेज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इसके बाद परीक्षा पर पेपर लीक का साया मंडराने लगा और आयोग ने तुरंत सतर्क कदम उठाए।

परीक्षा के दौरान वायरल हुए पेजों को देखकर आयोग को यह आशंका हुई कि कहीं पेपर लीक हुआ है। परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपने पेपर का मिलान किया तो पाया कि वायरल पेजों के सवाल उनके पेपर से मेल खा रहे थे। इससे आयोग और अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई।

आयोग ने इस मामले में तत्काल जांच के लिए एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ को पत्र भेजा। आयोग अपने स्तर से भी यह पता लगा रहा है कि जैमर लगाए जाने के बावजूद पेपर कैसे बाहर आया।

हाकम सिंह की गिरफ्तारी और संदर्भ

यह घटना हाकम सिंह की गिरफ्तारी के अगले दिन हुई। शनिवार की शाम को ही एसटीएफ और एसएसपी देहरादून की टीम ने पेपर लीक मामले में हाकम सिंह और उसके साथी को गिरफ्तार किया था। हाकम सिंह को पहले भी दिसंबर 2021 में यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में आरोपी बनाया गया था। उस समय भी परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई थी।

पंजीकरण और उपस्थिति का आंकड़ा

इस बार स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए 1,54,764 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,05,803 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। कुल उपस्थिति 68.36 प्रतिशत रही। वहीं 48,961 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। विभिन्न जिलों में उपस्थिति इस प्रकार रही:

बागेश्वर – 73.44%

पिथौरागढ़ – 73.23%

रुद्रप्रयाग – 73.06%

चमोली – 70.13%

चंपावत – 72.53%

अल्मोड़ा – 69.62%

देहरादून – 66.34%

हरिद्वार – 69.76%

नैनीताल – 67.80%

पौड़ी – 61.01%

टिहरी – 67.51%

ऊधमसिंह नगर – 68.14%

उत्तरकाशी – 73.22%

आयोग का बयान

यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने कहा, “इसे सीधे तौर पर पेपर लीक नहीं कहा जा सकता। किसी एक सेंटर से केवल तीन पेज बाहर आए हैं। यह संभावना है कि कहीं किसी ने मदद की हो। सभी सेंटरों पर जैमर लगाए जाते हैं, फिर भी ऐसा होना हमारे लिए आश्चर्यजनक और चिंता का विषय है। हमने एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ को जांच के लिए पत्र भेज दिया है। आयोग अपने स्तर से भी इस घटना की विस्तृत जांच कर रहा है।”

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की पूरी जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि पेपर किस प्रकार और किन माध्यमों से बाहर गया। आयोग ने सभी केंद्रों में सुरक्षा बढ़ाने और जैमर के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का भी निर्णय लिया है।

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