उत्तराखंड अरुणाचल प्रदेश से सीखेगा कीवी उत्पादन के तरीके, 3500 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य

पर्वतीय क्षेत्रों में कीवी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में बागवानी को नई दिशा देने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कीवी मिशन की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सभी पर्वतीय जिलों में 3500 हेक्टेयर भूमि पर कीवी की खेती का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य की जलवायु और मिट्टी की परिस्थितियां कीवी उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सकेगी।

पौध उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती

कीवी मिशन की राह में सबसे बड़ी चुनौती पौध और रोपण सामग्री (Planting Material) की उपलब्धता है। वर्तमान में राज्य में न तो कीवी की कोई बड़ी नर्सरी है और न ही मॉडल उद्यान। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने नया कदम उठाया है।

अरुणाचल प्रदेश से सीखे जाएंगे कीवी उत्पादन के गुर

देश में कीवी उत्पादन के क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश ने सराहनीय कार्य किया है। इसी अनुभव से सीखने के लिए उत्तराखंड उद्यान विभाग की चार सदस्यीय टीम 25 सितंबर को ईटानगर का दौरा करेगी। इस टीम में संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश राम, बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र पाल, औद्यानिक परिषद के सीईओ डॉ. नरेंद्र यादव और पौधशाला विकास अधिकारी मोहित पल्ली व राहुल मीणा शामिल होंगे।

डॉ. यादव के अनुसार ईटानगर के अनुभवों के आधार पर उत्तराखंड में कीवी की नर्सरी स्थापित की जाएगी और अरुणाचल प्रदेश का सहयोग भी लिया जाएगा।

बागेश्वर में स्थापित होगी कीवी नर्सरी

कीवी मिशन के तहत बागेश्वर जिले के कर्मी में 28 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी नर्सरी स्थापित की जाएगी, जिसे ‘कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पौध उत्पादन से लेकर आधुनिक तकनीक तक किसानों को प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाएगा।

वर्तमान में कीवी उत्पादन की स्थिति

राज्य के कई जिलों में सीमित स्तर पर कीवी की खेती पहले से हो रही है, लेकिन उत्पादन क्षमता अभी कम है।

जिला

जिलाक्षेत्रफल (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)
नैनीताल115.0096.00
अल्मोड़ा35.409.60
बागेश्वर69.6160.00
पिथौरागढ़40.460.00
चंपावत24.1918.75
देहरादून135.890.00
पौड़ी113.080.25
टिहरी73.8018.90
चमोली33.131.80
रुद्रप्रयाग48.301.50
उत्तरकाशी58.57175.00

किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि कीवी मिशन सफल होने पर उत्तराखंड देश में कीवी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे न सिर्फ किसानों को लाभकारी फसल मिलेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

यह भी पढें- Dehradun: पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड हाकम सिंह सख्त नकलरोधी कानून की गिरफ्त में, साबित होने पर उम्रकैद और 10 करोड़ तक जुर्माना

Leave a Comment