मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक लंबा और व्यस्त दौरा किया। पूरे दिन वह अलग-अलग जिलों में जनता और आपदा प्रभावितों के बीच रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक उन्होंने जनता की समस्याएं सुनीं, पीड़ितों का हाल जाना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
खटीमा से शुरुआत, जनता से सीधा संवाद
शनिवार सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा से दिन की शुरुआत की। यहां उन्होंने आम जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सीधे सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
चमोली में आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे
खटीमा से निकलने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने चमोली जिले के आपदा प्रभावित नंदानगर क्षेत्र का हवाई मार्ग से दौरा किया। यहां पहुंचकर उन्होंने आपदा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनके दुख-दर्द को साझा किया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भी प्रदान की और कहा कि सरकार उनके जीवन को संवारने के लिए हर स्तर पर साथ खड़ी है।
रुद्रप्रयाग में हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक
इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने चमोली और रुद्रप्रयाग के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्निर्माण और राहत कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मां धारी देवी के दर्शन
रुद्रप्रयाग से लौटते हुए मुख्यमंत्री धामी ने श्रीनगर के पास स्थित मां धारी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। यहां उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कुशलता की कामना की।
देहरादून में भाजपा नेताओं और अधिकारियों संग बैठक
शाम को देहरादून लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर भाजपा नेताओं के साथ बैठक की और विभिन्न राजनीतिक एवं संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के विकास कार्यों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों पर विस्तार से समीक्षा की।
शनिवार का पूरा दिन मुख्यमंत्री धामी ने जनता, पीड़ितों और अधिकारियों के बीच बिताया। उनका यह दौरा जनता से सीधे संवाद और आपदा प्रभावितों को भरोसा देने के साथ ही राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण रहा।
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