चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बादल फटने से आई आपदा के बाद अब विस्थापन की बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई है। प्रशासन लगातार प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में शिफ्ट कर रहा है, लेकिन कई ग्रामीण अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन ने अब तक घर क्षतिग्रस्त होने से बेघर हुए 84 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है, जहां उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।
इस आपदा में लापता पांच और लोगों के शव बरामद हुए, जिससे मृतकों की संख्या सात तक पहुंच गई है। वहीं, दो लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार कर रही हैं। आपदा में 15 से अधिक मकान पूरी तरह मलबे में दब गए हैं, जबकि कई अन्य मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को नंदानगर पहुंचे। उन्होंने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। सीएम ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया। प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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