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उत्तराखंड के जसपुर में निर्भया जैसे घिनौने कांड 14 वर्षीय नाबालिक के साथ दुष्कर्म, हाथ टूटे और शरीर पर कई वार

On: September 17, 2025 9:23 AM
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जसपुर क्षेत्र के ग्राम अमियावाला में 14 वर्षीय मासूम किशोरी से जुड़ी निर्मम हत्या और दुष्कर्म की खबर ने पूरे क्षेत्र को गमगीन और आक्रोशित कर दिया है। प्रारंभिक आशंका है कि यह वारदात दुष्कर्म मकसद पूरा करने के बाद की गई है। किशोरी का शव उसके घर से लगभग 50 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला, जहां शरीर पर धारदार हथियार से कई घातक वार किए गए थे। साथ ही उसके हाथ भी टूटे हुए पाए गए। इस दर्दनाक घटना ने ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है।

संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पोस्टमार्टम काशीपुर में नहीं कराकर हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में कराने का निर्णय लिया है। यहां पर एक विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाएगी। फॉरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया जाएगा ताकि पूरी जांच वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर पहलू का निष्पक्षता से खुलासा किया जाएगा।

घटना के विरोध में ग्रामीणों ने जसपुर-काशीपुर हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान अस्पताल में भी हंगामा हुआ और हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग जोरशोर से की गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस बल बाजपुर से बुलाकर तैनात किया गया। ग्रामीण देर रात तक सड़क पर डटे रहे, और अंततः रात 11 बजे के बाद जाम हटाया जा सका। ग्रामीणों ने विशेष रूप से यह भी मांग की थी कि पोस्टमार्टम पैनल व वीडियोग्राफी के साथ ही संपन्न हो, जिसे प्रशासन ने मंजूर किया।

जेल में बंद पिता को बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति

किशोरी की हत्या और दुष्कर्म की घटना ने परिजनों की भावनाओं को झकझोर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। किशोरी के पिता, जो एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद हैं, बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की विशेष अनुमति दी गई है।
पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने पीड़ित परिवार से मिलकर प्रशासन से पहल की। उन्होंने तत्काल डीएम, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा और जेल अधीक्षक से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई। इस पहल के परिणाम स्वरूप पिता को अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत मिली, जिससे परिवार को थोड़ी सांत्वना मिली है।

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