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देहरादून के सहस्त्रधारा में बादल फटने से भारी नुकसान, दुकानें बहीं; टपकेश्वर मंदिर भी जलमग्न

On: September 16, 2025 3:32 AM
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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में देर रात अचानक हुई भीषण बादल फटने की घटना ने कहर बरपाया। भारी वर्षा के चलते तेज बहाव वाली नदी उफान पर आ गई और सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्थित कई दुकानें मलबे सहित बह गईं। यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए भयावह और आपातकालीन स्थिति में तब्दील हो गई। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस बल और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। फिलहाल, इस आपदा में दो लोग लापता हैं और उनकी खोजबीन जारी है।

प्रशासन ने किए जरूरी निर्णय

इस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उनके परिजनों को अनावश्यक जोखिम से बचाया जा सके। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते हुए ट्वीट किया कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और पूरी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस तथा अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं।

टपकेश्वर महादेव मंदिर भी जलमग्न

इस तबाही का असर टपकेश्वर महादेव मंदिर पर भी पड़ा है। भारी वर्षा के कारण निकली तमसा नदी उफान पर आ गई और मंदिर परिसर जलमग्न हो गया। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि सुबह से तेज बहाव के कारण मंदिर का पूरा क्षेत्र पानी में डूब चुका है। उन्होंने बताया, “सुबह 5 बजे से तेज बहाव शुरू हो गया था और पूरे मंदिर परिसर में जल जमाव हो गया। ऐसी स्थिति पिछले कई वर्षों में नहीं देखी गई थी।” आचार्य जी ने लोगों से विशेष रूप से अपील की कि वे इस समय नदियों या अन्य जल निकायों के किनारे न जाएं ताकि जान-माल की कोई हानि न हो। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर का गर्भगृह पूरी तरह सुरक्षित है और अभी तक किसी भी व्यक्ति के घायल होने या मरने की सूचना नहीं मिली है।

मौके पर प्रशासनिक सतर्कता और राहत कार्य

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। साथ ही एसडीआरएफ और पुलिस बल मलबा हटाने, फंसे लोगों को निकालने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने का भी प्रबंध किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस समय बिना जरूरी कारण घर से बाहर न निकलें और नदियों या अन्य जल निकायों के पास जाने से बचें।

आगे की स्थिति पर निगरानी

मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस कारण राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की गाइडलाइंस के अनुसार चौकसी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार की पूरी टीम हर स्तर पर घटनास्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार सभी संसाधनों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

इस समय राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी स्थापित किए हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी और स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

यह संकट उत्तराखंड के लिए एक बड़ा चुनौती बन गया है। राज्य सरकार, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी मजबूती से घटना की भयावहता से निपटने के प्रयास में जुटी हैं। स्थानीय नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे प्रशासनिक आदेशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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