रानीखेत के कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर स्थित सोमनाथ ग्राउंड में उत्तराखंड की पहली अग्निवीर भर्ती रैली का भव्य आगाज हो गया है। इस रैली की शुरुआत लखनऊ भर्ती जोन के प्रमुख मेजर जनरल मनोज तिवारी द्वारा की गई। पहले ही दिन बागेश्वर जनपद के हजारों युवाओं ने 1.6 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेकर अपनी शारीरिक क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया।
रैली का शुभारंभ गुरुवार सुबह किया गया, जिसमें सबसे पहले युवाओं की दौड़ करवाई गई। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों का शारीरिक माप—जैसे लंबाई, सीना और वजन—लिया गया। इसके बाद उम्मीदवारों को 9 फीट गड्ढा कूद, बैलेंसिंग और अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षणों से गुजरना पड़ा। इस दौरान बागेश्वर जिले की छह तहसीलों—बागेश्वर, दुगनाकुरी, गरुड़, कपकोट, कांडा और कौसानी—से आए करीब एक हजार युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की।
मेजर जनरल मनोज तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड के युवाओं का सेना के प्रति हमेशा से गहरा लगाव रहा है। इसी भावना को देखते हुए अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया गया है, जो आने वाले दिनों में देहरादून, चंपावत और अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बेटियों के लिए महिला पुलिस भर्ती का आयोजन अलग से किया जाएगा, ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।
रैली को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मजबूत तैयारियां की हैं। रानीखेत में एसएसबी की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। महिला अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के लिए स्थानीय महिला समूहों द्वारा भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि सुबह 2:30 बजे से ही अभ्यर्थी मैदान के बाहर कतारों में खड़े हो गए थे। रैली की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार एक आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की दलाली या अनुचित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
इस रैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्तराखंड के युवा सेना में भर्ती होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और देशसेवा का जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा हुआ है।






