देहरादून के कांवली रोड में साइबर ठगों ने 80 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक कौस्तुभानंद जोशी को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर कुल 59 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर करीब तीन घंटे तक डराकर रखा और मनी लांड्रिंग के नाम पर आरोपित कर पैसे ऐंठे। पीड़ित को सजा व उनके बच्चों की गिरफ्तारी का भय दिखाकर एफडी, एसआईपी और पेंशन के पैसे ठगों के खातों में ट्रांसफर करवा दिए।
कौस्तुभानंद जोशी ने पुलिस को बताया कि एक कॉल आई, जिसमें खुद को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का कर्मचारी बताकर, उन्हें बताया गया कि मुंबई में उनके नाम से गलत तरीके से सिम कार्ड लिया गया है। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर उन्हें क्राइम डिपार्टमेंट से जोड़ा। इस दौरान आरोपितों ने उन्हें नरेश गोयल नामक व्यक्ति के मनी लांड्रिंग केस में फंसा दिया और उनके बैंक खाते से दो करोड़ रुपये ट्रांजैक्शन होने का झांसा दिया। वीडियो कॉल में गिरफ्तारी के आदेश व सजा का डर दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से दबाव में रखा गया।
डरे-सहमे जोशी ने अपनी जमा पूंजी में से 15 लाख रुपये की एफडी, 26 लाख रुपये अन्य एफडी, 5.47 लाख रुपये एसआईपी और 1.08 लाख रुपये पेंशन राशि ठगों के खाते में भेज दिए। इसके बाद भी ठग और अधिक रकम की मांग करते रहे। बाद में रिश्तेदारों के सुझाव पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
प्रभारी निरीक्षक त्रिवेंद्र सिंह रौतेला ने पुष्टि की है कि मामले में साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।






