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Uttarakhand: आठवीं तक की दिव्यांग छात्रवृत्ति पर आय सीमा खत्म, सीएम धामी का बड़ा एलान

On: September 5, 2025 4:58 AM
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिव्यांग छात्रों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब कक्षा 1 से 8 तक की छात्रवृत्ति योजना के लिए आय सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।

विवाह प्रोत्साहन राशि दोगुनी

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन राशि को भी 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की घोषणा की। इस कदम को दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

“मुख्य सेवक संवाद” का पांचवां संस्करण

गुरुवार को आयोजित मुख्य सेवक संवाद के पांचवें चरण में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी भी शामिल हुए और बताया कि अब दोनों बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिल रही है, जिससे उन्हें सहूलियत हो रही है।

पेंशन राशि में बढ़ोतरी

सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन राशि को भी 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया है। इससे उन्हें अपने घरेलू खर्च पूरे करने में आसानी हो रही है।

आधुनिक वृद्धाश्रम हर जिले में

सीएम धामी ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी जिलों में सुविधा युक्त आधुनिक वृद्धाश्रमों का निर्माण किया जाएगा। कई जिलों में काम पहले से चल रहा है और जल्द ही हर जनपद में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

नई योजनाओं का लोकार्पण

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के नए सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया।

लाभार्थियों ने जताई खुशी

संवाद में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने सरकार के फैसलों को सम्मानजनक पहल बताया। वहीं दिव्यांगजन लाभार्थियों ने कहा कि अब सरकार सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री का संवेदनशील संदेश

संवाद के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और संघर्ष प्रेरणा देने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने इसे किसी औपचारिक कार्यक्रम के बजाय जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद का माध्यम बताया।

प्रधानमंत्री के विजन से मेल

सीएम धामी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से मेल खाती है, जिसमें वंचित वर्ग, महिलाओं और युवाओं को योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड का यह प्रयोग आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल बन सकता है।

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