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Dehradun: विक्रम में अब सिर्फ छह सवारी लेकर चलेंगे, 10 सितंबर तक आगे की सीट हटाना अनिवार्य, वरना फिटनेस होगी रद्द

On: August 29, 2025 11:18 AM
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देहरादून की सड़कों पर दौड़ रहे विक्रमों के लिए बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब किसी भी विक्रम में चालक के अलावा केवल छह सवारी ही बैठ पाएंगी। यानी आगे वाली सीट पर सवारी नहीं बैठेगी, वह सिर्फ चालक के लिए होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर विक्रम मालिकों और चालकों पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

10 सितंबर तक मिलेगी मोहलत

आरटीए सचिव और आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी की ओर से जारी आदेश में विक्रम संचालकों को 10 सितंबर तक का समय दिया गया है। इस अवधि के भीतर आगे की सीट को पूरी तरह हटाना अनिवार्य होगा। इसके बाद यदि कोई विक्रम बिना बदलाव के मिलता है तो उसकी फिटनेस नवीनीकरण और टैक्स संबंधी प्रक्रिया रोक दी जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे वाहनों को सड़क पर चलाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

चालक का केबिन होगा बंद

आदेश के मुताबिक चालक के केबिन को लोहे या फाइबर की चादर से एक तरफ से पूरी तरह बंद करना होगा। विकल्प के तौर पर लोहे की रॉड भी लगाई जा सकती है। इसके बाद ही परमिट शर्तों के अनुसार विक्रम को चलाने की अनुमति मिलेगी। पीछे की दोनों सीटों पर अधिकतम छह सवारी ही बैठ सकेंगी। वर्तमान में विक्रम चालक आठ सवारी पीछे और दो सवारी अपने बगल में बैठाकर चलते हैं, जिससे अक्सर ओवरलोडिंग और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश

नैनीताल हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी विक्रम “सिक्स प्लस वन” श्रेणी में ही माने जाएंगे। यानी चालक के बगल में कोई यात्री नहीं बैठ सकता। आदेश का पालन न करने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना और परमिट शर्तों के उल्लंघन की कार्रवाई होगी।

पहले भी हटाई गई थी सीट

यह पहली बार नहीं है जब विक्रमों से आगे की सीट हटाई जा रही है। वर्ष 2019 में तत्कालीन आरटीओ सुधांशु गर्ग ने भी सीट निकलवाकर चालक का केबिन लोहे की रॉड से बंद कराया था। लेकिन कुछ समय बाद चालकों ने रॉड हटाकर फिर से सवारियां बैठानी शुरू कर दीं।

2021 का विवाद और अब का फैसला

वर्ष 2021 में परिवहन मुख्यालय ने आदेश दिया था कि सभी विक्रम “सेवन प्लस वन” श्रेणी में माने जाएंगे। लेकिन इस फैसले को सिटी बस यूनियन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। अदालत ने साफ कहा कि परिवहन मुख्यालय ऐसा निर्णय नहीं ले सकता और आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद अब विक्रमों को केवल “सिक्स प्लस वन” श्रेणी में ही संचालित करने की अनुमति दी गई है।

784 विक्रम पंजीकृत

फिलहाल शहर में करीब 784 विक्रम पंजीकृत हैं। इनमें से पहले आधे विक्रम सात सवारी और एक चालक के लिए (7+1) और आधे छह सवारी और एक चालक (6+1) श्रेणी में पंजीकृत थे। लेकिन अब सभी विक्रमों को सिक्स प्लस वन श्रेणी में ही चलाना होगा।

नए नियम लागू होने के बाद देहरादून में विक्रमों की ओवरलोडिंग पर काफी हद तक लगाम लगेगी। हालांकि, सवाल यह है कि क्या इस बार भी चालक और मालिक नियमों का पालन करेंगे या पिछली बार की तरह आदेश का उल्लंघन कर देंगे।

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