नई व्यवस्था के साथ होगा आयोजन
उत्तराखंड में हर साल की तरह इस बार भी खेल महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इस बार प्रतियोगिता में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ट्रॉफियों के नाम बदलने से लेकर खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाने तक के संशोधन प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
ट्रॉफियों को मिलेंगे नए नाम
खेल महाकुंभ की ट्रॉफियों को इस बार जनप्रतिनिधियों से जोड़ा जाएगा।
राज्य स्तरीय ट्रॉफी : मुख्यमंत्री ट्रॉफी
जिला स्तरीय ट्रॉफी : सांसद ट्रॉफी
ब्लॉक स्तरीय ट्रॉफी : विधायक ट्रॉफी
न्याय पंचायत स्तरीय ट्रॉफी : स्थानीय जनप्रतिनिधि ट्रॉफी
खिलाड़ियों के लिए बढ़े इनाम
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया गया है।
ग्राम पंचायत स्तर : प्रथम – ₹300, द्वितीय – ₹200, तृतीय – ₹150
ब्लॉक स्तर : प्रथम – ₹500, द्वितीय – ₹400, तृतीय – ₹300
जिला स्तर : प्रथम – ₹800, द्वितीय – ₹600, तृतीय – ₹400
राज्य स्तर : प्रथम – ₹1500, द्वितीय – ₹1000, तृतीय – ₹700
इसके अलावा व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिए जाएंगे। टीम स्पर्धाओं में भी विजेता टीमों को पदक और नकद पुरस्कार मिलेंगे।
प्रतिभाओं को मिलेगा स्पोर्ट्स कॉलेज में मौका
खेल महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना है। हर साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। न्याय पंचायत स्तर से शुरुआत कर खिलाड़ी ब्लॉक, फिर जिला और अंत में राज्य स्तरीय मुकाबलों तक पहुंचते हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है, जहां उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलता है। इससे उन्हें आगे चलकर अर्द्धसैनिक बल और पुलिस भर्ती में भी अवसर मिलता है।
जल्द तय होंगी तिथियां
इस बार युवा कल्याण विभाग ने शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजा है। शासन की स्वीकृति मिलते ही खेल महाकुंभ की तिथियां घोषित की जाएंगी। इसके बाद आयोजन समितियों का गठन और खिलाड़ियों का पंजीकरण शुरू होगा।






