मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने साफ निर्देश दिए कि प्रदेश में नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और ज्यादा मज़बूत बनाया जाए।
सीएम धामी ने सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि बाहरी राज्यों से नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी राज्य में न घुस पाए। उन्होंने राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि आम नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें और नशे के नेटवर्क को खत्म करने में सहयोग दें।
मुख्यमंत्री ने पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण समेत सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ विशेष कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि नशे की सप्लाई और कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि पुलों के नीचे रहने वाले कुछ लोग नशे के कारोबार में शामिल पाए जा रहे हैं। जिस क्षेत्र से ऐसे मामले सामने आएंगे, वहां संबंधित थाने के इंस्पेक्टर को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने पुलिस को ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने और रात में गश्त बढ़ाने के आदेश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, एडीजी वी. मुरुगेशन, एपी अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे, गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।
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