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ड्रग्स मुक्त उत्तराखंड के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स होगी मजबूत, सीमावर्ती इलाकों में सख्त चौकसी के निर्देश

On: August 26, 2025 11:32 AM
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देहरादून: उत्तराखंड में नशे का कारोबार लगातार पांव पसार रहा है। खासकर युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ती जा रही है, जो समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बन रही है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान’ की शुरुआत की है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को प्रदेश में बढ़ते नशे के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को बड़े स्तर पर चलाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जमीनी स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

सीएम धामी ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act 1985) के प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूत बनाने और जरूरत पड़ने पर इसमें नए पदों के सृजन पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं शिकायत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस-1933’ का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए, ताकि आम जनता भी नशे से जुड़े मामलों की सीधे शिकायत दर्ज करा सके। उन्होंने संबंधित विभागों जैसे पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग को मिलकर संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए।

ड्रग्स सप्लाई रोकने के लिए बॉर्डर पर सख्ती

सीएम धामी ने यह भी कहा कि नशे की सप्लाई को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों (बॉर्डर एरिया) पर सतर्कता और चौकसी बढ़ाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की तस्करी उत्तराखंड में प्रवेश न कर सके।

युवाओं के बीच चलेंगे जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री ने स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखा जा सके। साथ ही, उन्होंने पुलिस को रात के समय गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के आह्वान को भी आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं स्वदेशी हों। इसके लिए राज्य में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग बनाने के निर्देश दिए गए।

नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत और उद्देश्य

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने 17 फरवरी 2024 को नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की थी। इस अ NJभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और प्रदेश में बड़े पैमाने पर पकड़े जा रहे नशे के मामलों पर सख्त नियंत्रण करना है। केंद्र सरकार ने भी 2020 में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ शुरू किया था, जिसके तहत सभी राज्यों को इस मुहिम को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है।

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