कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर हाल ही में हुई अतिवृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और नुकसान के आकलन की पूरी जानकारी ली।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण खेती योग्य भूमि को गंभीर क्षति पहुंची है। सिंचित और असिंचित भूमि मिलाकर लगभग 28 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसके अलावा उद्यान सेक्टर में भी लगभग 4800 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह नुकसान भारत सरकार द्वारा निर्धारित आपदा मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक है, जो मुआवजा वितरण की श्रेणी में आता है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों का नियमित सर्वेक्षण कर नुकसान की सटीक रिपोर्ट प्रतिदिन मंत्रालय को भेजी जाए। साथ ही, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुसार त्वरित कार्यवाही पूरी की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नुकसान का आकलन शीघ्र पूरा कर मुआवजा वितरण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, निदेशक कृषि परमाराम, बागवानी मिशन के महेंद्र पाल तथा संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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