उत्तराखंड का मानसून सत्र इस बार 19 अगस्त से 22 अगस्त तक ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। सत्र को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अब तक पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से कुल 547 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधानसभा सत्र को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि जैसा पूर्व निर्धारित था, सत्र भराड़ीसैंण में ही होगा और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी और सरकार विपक्ष के सवालों के जवाब देने के लिए भी तैयार है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विधानसभा परिसर में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सत्र के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही विधानसभा में प्रवेश मिलेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि विधानसभा कार्यवाही नेवा (नेशनल इलेक्ट्रोल वेब एप्लीकेशन) के माध्यम से संचालित होगी। आईटीडीए को तकनीकी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संचार कंपनियों की ओर से उच्च गति का नेटवर्क और पूरे परिसर में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी कर्मचारी का वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आगंतुकों के लिए भी नियम तय किए गए हैं— मंत्रियों की सिफारिश पर केवल दो और विधायकों की सिफारिश पर भी अधिकतम दो आगंतुकों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारु बनी रहे, इसके लिए संबंधित विभागों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, भराड़ीसैंण में आयोजित होने वाले इस मानसून सत्र को लेकर प्रशासन और सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब सभी की निगाहें 19 अगस्त से शुरू हो रहे सत्र पर टिकी हैं।






