नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान मचे बवाल ने अब नया मोड़ ले लिया है। पांच सदस्यों के कथित अपहरण मामले में पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष सहित 11 लोगों को नामजद करते हुए 15 से 20 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पुष्पा नेगी, सदस्य जीशान्त कुमार और दो अन्य सदस्यों के परिजनों की शिकायत पर की गई है।
दरअसल, मतदान के दिन शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मतदान स्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस की मौजूदगी में पांच सदस्य — डिकर सिंह मेवाड़ी, प्रमोद सिंह, तरुण कुमार शर्मा, दीप सिंह बिष्ट और विपिन सिंह — अचानक लापता हो गए। कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर सरेआम गुंडागर्दी और सदस्यों को अगवा करने का आरोप लगाया। इस घटना ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
हंगामे के बाद कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार करते हुए मामला हाईकोर्ट में पहुंचाया। कोर्ट में सुनवाई के बाद पुलिस हरकत में आई और सबसे पहले तल्लीताल थाने में एसआई सतीश उपाध्याय की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसके बाद देर रात अध्यक्ष पद की उम्मीदवार पुष्पा नेगी, सदस्य जीशान्त कुमार, सदस्य प्रमोद कोटलिया के भाई विनोद कोटलिया और डिकर मेवाड़ी के साले आशीष गौनिया ने अलग-अलग तहरीर देकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर सीधे तौर पर आरोप लगाए।
शिकायतों के आधार पर पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रत्याशी के पति आनंद दर्मवाल, शंकर कोरंगा, चतुर बोरा, प्रमोद बोरा, प्रखर साह, बीबी भाकुनी, विशाल नेगी, पंकज नेगी, शुभम दर्मवाल और कोमल दर्मवाल के नाम दर्ज किए। इसके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
एसओ रमेश सिंह बोरा ने जानकारी दी कि सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 140(3), 115(2), 352, 351(3), 74 और 62 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि बीते गुरुवार को हुए चुनाव के दौरान हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और अब मामला हाईकोर्ट से लेकर थाने तक पहुंच चुका है।






