नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मतगणना पूरी हो चुकी है, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के चलते नतीजों की घोषणा फिलहाल रोक दी गई है। कांग्रेस समर्थित सदस्यों के कथित अपहरण के आरोपों के बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणियां कीं और चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
मतगणना के बाद नतीजे रिजर्व
जिलाधिकारी वंदना के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर रात तक चुनाव आयोग और जिला प्रशासन के बीच पत्राचार चला। आखिरकार तड़के 5 बजे चुनाव पर्यवेक्षक, जिलाधिकारी और अधिकारियों की मौजूदगी में मतगणना कर ली गई। सभी मतगणना से जुड़े दस्तावेज और परिणाम सील कर ट्रेजरी में सुरक्षित रखे गए हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
कांग्रेस का आरोप और कोर्ट की दखल
मतदान से पहले कांग्रेस समर्थित पांच सदस्यों के कथित अपहरण के आरोपों से सियासी माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल हाई कोर्ट पहुंचा और तत्काल सुनवाई की मांग की। कोर्ट के आदेश पर एसएसपी और जिलाधिकारी को पेश होना पड़ा। सुनवाई के दौरान दुबारा मतदान के विकल्प पर भी चर्चा हुई, लेकिन अंतिम फैसला राज्य निर्वाचन आयोग पर छोड़ दिया गया।
निर्णय में देरी और रातभर असमंजस
गुरुवार रात तक आयोग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मौजूदा चुनाव रद्द होंगे या मतगणना कराई जाएगी। देर रात आयोग से आए पत्र में जिला निर्वाचन अधिकारी को अपने स्तर पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद नियमावली और 2019 में हाई कोर्ट के एक पूर्व आदेश का अध्ययन कर मतगणना कराने का निर्णय लिया गया, लेकिन नतीजे रिजर्व रखे गए।
आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देश पर
जिलाधिकारी ने बताया कि पूरा मामला 18 अगस्त को हाई कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा और आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुसार होगी।
अध्यक्ष पद पर भाजपा से दीपा दरमवाल और कांग्रेस से पुष्पा नेगी, जबकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा से बहादुर नगदली और कांग्रेस से देवकी बिष्ट चुनाव मैदान में हैं।
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