काशीपुर में गुरुवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर अन्नया होटल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी झेल चुके बुजुर्गों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पण और शांति हवन के साथ हुई, जिसमें उपस्थित जनों ने उन सभी शहीदों और पीड़ितों को याद किया जिन्होंने विभाजन के दौरान अपनों, घर और अपनी जमीन खो दी।
मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आगमन प्रस्तावित था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर देहरादून से उड़ान नहीं भर सका। इसके बावजूद, सीएम धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होकर विभाजन पीड़ितों को अपनी श्रद्धांजलि और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
“हमारे सेनानियों ने आजादी की कीमत अपने लहू और आंसुओं से चुकाई है। उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देश की एकता को अक्षुण्ण रखा। देश बंटवारे की आड़ में हजारों परिवारों पर जो अत्याचार हुए, उन्हें आने वाली पीढ़ियां भी नहीं भूल पाएंगी।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, लोकसभा सांसद अजय भट्ट, मेयर दीपक बाली, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। पंजाब, सिंध और अन्य राज्यों से विस्थापित हुए विभाजन पीड़ितों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह आयोजन न सिर्फ अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर था, बल्कि उन लोगों के साहस और त्याग को भी नमन करने का मंच बना, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र की एकता और सम्मान को बनाए रखा।
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