हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। किन्नौर जिले के ऋषि डोगरी घाटी क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बहाव के चलते सतलुज नदी पर बना पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस दौरान भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें एक व्यक्ति घायल था।
निर्माण कंपनी का कैंप बहा, कर्मचारी बाल-बाल बचे
अचानक आई बाढ़ ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के लिए सड़क निर्माण कर रही एक निजी कंपनी का कैंप भी बहा दिया। पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कर्मचारियों को तुरंत वहां से भागना पड़ा, जिससे वे अपनी जान बचाने में सफल रहे।
रात में चला बचाव अभियान
किन्नौर के पुलिस अधीक्षक से अनुरोध मिलते ही सेना ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) की एक विशेष टुकड़ी को मौके पर भेजा। अंधेरा, तेज़ धारा और अस्थिर भूभाग जैसी चुनौतियों के बावजूद टीम ने नदी के दूसरे किनारे पर फंसे चारों नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तत्काल रिकांगपियो के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आधुनिक तकनीक से मदद पहुंचाई
सेना ने बचाव कार्य में हाई एल्टीट्यूड लॉजिस्टिक्स ड्रोन (LDHA) जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। इन ड्रोन के जरिए बाढ़ में फंसे लोगों तक खाद्य सामग्री और नारियल पानी जैसी जरूरी चीजें पहुंचाई गईं, ताकि वे रातभर सुरक्षित रह सकें।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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