हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धा और सेवा का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। ‘चरण वंदना कार्यक्रम’ और भजन संध्या में शामिल होकर उन्होंने शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों को गंगाजल, रुद्राक्ष की माला, फल और पूजा सामग्री भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
ओम पुल के पास गंगा घाट पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्तों के पांव धोकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “कांवड़ियों का स्वागत करना, उनके चरण धोना, यह भगवान भोलेनाथ की सेवा के समान है। यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है।”
कांवड़ मेला बना आस्था का विराट उत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक महापर्व है जिसमें देशभर से लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं। ये श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर गंगाजल लेकर अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं। धामी ने बताया कि अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार से जल लेकर अपनी यात्रा पर रवाना हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सरकार हर कांवड़ यात्री को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। हर शिवभक्त का अनुभव यादगार बने, यही सरकार का संकल्प है।
2027 कुंभ को लेकर तैयारियां शुरू
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी बताया कि 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, सेवा और श्रद्धा को दुनिया तक पहुंचाने के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा।
मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी और उनके सेवा भाव ने कांवड़ मेले की गरिमा को और भी ऊंचा किया, साथ ही श्रद्धालुओं के बीच एक गहरी छाप छोड़ी।
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