देहरादून। बुधवार-बृहस्पतिवार की रात राजधानी देहरादून समेत पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कालसी में भूस्खलन के चलते इछाड़ी डैम और लालढांग के बीच करीब 45 वाहन फंस गए। वहीं, मसूरी में पेड़ गिरने से कार और स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं। शहर के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कालसी में भूस्खलन, फंसे वाहन रात में रेस्क्यू कर निकाले गए
कालसी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण इछाड़ी डैम से लालढांग के बीच सड़क पर मलबा आ गया, जिससे करीब 45 वाहन फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक चले अभियान के बाद रास्ता साफ करवाकर वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उधर, रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। सड़क खोलने के लिए मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं।
तपोवन में युवक बहा, शव बरामद
रायपुर क्षेत्र के तपोवन खाले में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। लेन नंबर-7 निवासी अनिल नामक युवक रात करीब आठ बजे पानी के तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब डेढ़ किलोमीटर दूर युवक का शव नदी किनारे बरामद हुआ। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
मसूरी में भारी बारिश से सड़क पर गिरा पेड़, वाहन क्षतिग्रस्त
मसूरी में तेज बारिश के बीच धनोल्टी रोड स्थित ओल्ड टिहरी बस स्टैंड के पास भारी भरकम बांझ का पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक कार और स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद करीब एक घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। सूचना पर पुलिस, फायर और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ को काटकर यातायात बहाल किया। नगर पालिका सभासद विशाल खरोला और वन दरोगा अभिषेक सजवाण ने बताया कि लगातार बारिश के चलते पेड़ गिरा, जिससे सड़क पर मलबा भी आ गया।
राजधानी के कई इलाकों में जलभराव
देहरादून शहर के प्रिंस चौक, मोहकमपुर, रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे के इलाकों में रातभर बारिश के चलते जलभराव हो गया। पुलिस ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट करते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही।
मौसम विभाग ने किया था अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने पहले ही बुधवार और बृहस्पतिवार को देहरादून जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी। इसके बाद जिले के अधिकांश क्षेत्रों में शाम से ही तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय करना पड़ा।
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