चमोली जनपद में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के उमट्टा क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे हाईवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से लगातार खिसकता मलबा सड़क पर गिर रहा है, जिससे यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को एनएचआईडीसीएल ने स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए दो घंटे तक यातायात रोककर मलबा हटाने का कार्य किया।
शनिवार को एनएचआईडीसीएल और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के बाद हाईवे की सुरक्षा के लिए ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया जाएगा ताकि मार्ग को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाया जा सके। हालांकि हिल साइड पर अभी भी भारी मात्रा में मलबा मौजूद है, जिससे पुनः अवरोध की संभावना बनी हुई है।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि हाईवे को सुरक्षित और चालू रखने के लिए एनएचआईडीसीएल के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी और मलबे के निस्तारण के दौरान लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
बढ़ते भूस्खलन के कारण बदरीनाथ धाम की यात्रा पर भी प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन इस संवेदनशील स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान के लिए प्रयासरत है, जिससे तीर्थयात्रा और आम जनजीवन दोनों सुरक्षित रह सकें।
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