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उत्तराखंड कैंपा योजना को केंद्र सरकार से मिली बड़ी मंजूरी, राज्य को 439.50 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना का लाभ

On: July 5, 2025 8:07 AM
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देहरादून। उत्तराखंड के वन क्षेत्र के विकास और संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड कैंपा (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority – CAMPA) की 439.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को पूर्ण रूप से मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय कैंपा की कार्यकारी समिति की दिल्ली में आयोजित बैठक में उत्तराखंड द्वारा प्रस्तुत योजनाओं को सभी आवश्यक मानकों पर खरा पाया गया। समिति ने राज्य सरकार के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए उनकी 100 प्रतिशत स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इस स्वीकृति से राज्य के वन क्षेत्रों में हरित आवरण को बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए चल रहे प्रयासों को नई ऊर्जा मिलेगी।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने उत्तराखंड कैंपा टीम को बधाई देते हुए कहा कि अब जिम्मेदारी बनती है कि विभाग इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ सही दिशा में उपयोग करे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कार्य योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा ताकि राज्य के वन संसाधनों को संरक्षित और समृद्ध किया जा सके।

उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक और कैंपा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. समीर सिन्हा ने जानकारी दी कि यह पहली बार है जब राज्य द्वारा भेजी गई कैंपा की वार्षिक योजना को बिना किसी संशोधन के शत-प्रतिशत स्वीकृति मिली है। इससे पूर्व राज्य सरकार ने केंद्र को 439.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना भेजी थी। पहले चरण में मई माह में केंद्र सरकार द्वारा 235.30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत और जारी की गई थी, जिसे राज्य सरकार ने तत्परता से वन विभाग को उपलब्ध करा दिया था।

डॉ. सिन्हा ने आगे बताया कि पूर्व वर्षों में राज्य को कैंपा के तहत क्रमशः वर्ष 2023-24 में 424.46 करोड़ रुपये के सापेक्ष 383.25 करोड़ और 2024-25 में 408 करोड़ रुपये के सापेक्ष 369.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इस बार राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप पूरी योजना को एकमुश्त मंजूरी मिलना राज्य के वन संरक्षण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस कार्ययोजना के अंतर्गत वनीकरण, वन क्षेत्र सुधार, जैव विविधता संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण, जल स्रोत संरक्षण तथा वन क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। राज्य सरकार को विश्वास है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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