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Uttarakhand News: देश में हर 40 दिन में बन रहा नया एयरपोर्ट, नागरिक उड्डयन में भारत रच रहा नई विकास गाथा

On: July 5, 2025 7:12 AM
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देहरादून। भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने शुक्रवार को उत्तर क्षेत्रीय राज्यों के नागरिक उड्डयन मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह क्षेत्र देश का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर बन गया है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक विमानन नेटवर्क बन चुका है, जिसकी विकास दर 8 से 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बीते एक दशक में देश में 88 नए हवाई अड्डों का निर्माण किया गया है, यानी हर 40 दिन में एक नया हवाई अड्डा अस्तित्व में आया है। इसके साथ ही प्रति घंटे 60 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन भी शुरू हुआ है।

राजपुर रोड स्थित होटल ताज में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नायडू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर भारत के राज्यों में नागरिक उड्डयन के विस्तार के लिए राज्यों के सुझावों को शामिल करते हुए नई रणनीतियों पर चर्चा करना था। यह क्षेत्रीय सम्मेलन नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उस श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत राज्यों से फीडबैक लेकर नीति निर्माण को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष विमानन नीति की आवश्यकता है, ताकि यहां के दुर्गम क्षेत्रों को सुगम हवाई संपर्क मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस नीति में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) नेटवर्क, विशेष वित्तीय सहायता, संचालन के लिए सब्सिडी, सटीक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, फ्लाइट स्लॉटिंग और आपदा के लिए पूर्व तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उड़ान योजना के माध्यम से उत्तराखंड के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़कर आम जनता के जीवन में बदलाव लाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 में हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हेली सेवाएं केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि जीवन रेखा के रूप में कार्य कर रही हैं, जो आपात स्थितियों में लोगों के लिए संजीवनी बन जाती हैं।

केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि आज देश में हवाई यात्रा पहले से कहीं अधिक सुलभ, किफायती और व्यापक हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र न केवल आवागमन के साधन के रूप में बल्कि रोजगार सृजन, पर्यटन के विस्तार और फ्लाइंग ट्रेनिंग जैसे नए क्षेत्रों के लिए भी अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रालय समावेशी विमानन विकास के लिए राज्यों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में राज्यों से सहयोग अपेक्षित है।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के मंत्री गौतम कुमार, हरियाणा के मंत्री विपुल गोयल सहित हिमाचल प्रदेश, पंजाब, लद्दाख और चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी राज्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में नागरिक उड्डयन से जुड़े अनुभव साझा किए और विकास के सुझाव भी दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने हेली सेवा प्रदाताओं से पर्वतीय इलाकों में विशेष रूप से प्रशिक्षित पायलटों की तैनाती, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।

यह सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का साक्षात प्रमाण है। नागरिक उड्डयन के इस विस्तार से जहां आम जनता के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है, वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नया जीवन मिला है।

कुल मिलाकर यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में सहयोग और समावेशी विकास के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ।

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