श्यामपुर में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जब ग्राम प्रधान के बेटों और भतीजों ने मिलकर एक कालोनाइजर और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों और फावड़ों से किए गए इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया। वहीं, पीड़ित कालोनाइजर की तहरीर पर ग्राम प्रधान सहित कई अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पहले से रची थी साजिश, घात लगाकर किया हमला
मंगलवार को कांगड़ी निवासी गौरव शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ श्यामपुर स्थित अपनी कालोनी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे ग्राम प्रधान योगेश चौहान, उनके बेटे धर्मराज चौहान और विकास चौहान, भतीजे दिलावर चौहान, नरेश चौहान, भानु चौहान, सतीश चौहान समेत अन्य युवकों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और फावड़ों से कालोनाइजर व उसके दोस्तों की बेरहमी से पिटाई की।
बीच-बचाव करने पहुंचे शानू अंसारी भी हमलावरों के निशाने पर आ गए। हमले में शानू के सिर, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं, साथ ही उनका एक दांत भी टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करते हुए 11 लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद शांतिभंग में चालान, जांच जारी
श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में प्रधान के बेटे धर्मराज चौहान और विकास चौहान के अलावा जावेद, रिहान, साकिब, आबिद, महताब, कुर्बान, उस्मान, प्रशांत और भानु चौहान शामिल हैं। इन सभी को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
वहीं, गौरव शर्मा की तहरीर के आधार पर प्रधान योगेश चौहान, उसके बेटे धर्मराज और विकास चौहान, भतीजे दिलावर चौहान, नरेश चौहान, भानु चौहान, सतीश चौहान सहित चार अज्ञात युवकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य धाराएं जोड़ते हुए जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीनी विवाद में प्रधान का दखल क्यों?
मामले की तह तक जाने पर पता चला है कि गौरव शर्मा ने श्यामपुर में महताब आदि से विवादित जमीन खरीदी थी। इस जमीन को लेकर महताब के चचेरे भाई जावेद आदि ने पहले आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हैरानी की बात यह है कि इस जमीन से ग्राम प्रधान और उसके परिवार का कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी प्रधान का परिवार इस विवाद में कूद पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम प्रधान का बेटा कथित तौर पर कॉलोनी का रास्ता दिलवाने के नाम पर कालोनाइजर से आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन गौरव शर्मा ने बाद में हाथ पीछे खींच लिया। इससे नाराज होकर प्रधान के बेटों ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कालोनाइजर पर हमला कर दिया।
पुलिस बढ़ा सकती है गंभीर धाराएं
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर और भी सख्त धाराएं लगाने की तैयारी में है। स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद तनाव का माहौल है और लोग ग्राम प्रधान के परिवार के इस दखल को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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