अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

अफसरों की साठगांठ से अपात्रों को बांटे गए करोड़ों, आठ PCS अधिकारी दोषी करार

On: June 27, 2025 10:11 AM
Follow Us:

उत्तराखंड के बहुचर्चित एनएच-74 घोटाले में सरकारी अधिकारियों द्वारा की गई अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। इस घोटाले में कई पीसीएस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मिलीभगत कर अपात्र लोगों को करोड़ों रुपये का मुआवजा बांटा। यह मामला वर्ष 2017 में तब सामने आया, जब राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-74 के चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण के तहत वितरित मुआवजे की गहन जांच करवाई।

जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर अधिक मुआवजा जारी किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस मामले में लगभग 250 से 400 करोड़ रुपये तक की अनियमितता की आशंका जताई गई थी। आयुक्त कुमाऊं की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सरकार ने मार्च 2017 में आठ पीसीएस अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी माना।

इस घोटाले की जांच एसआईटी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई, जिसमें कई अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल भेजा गया। ईडी ने इस मामले में अब तक 8 करोड़ रुपये से अधिक की धन शोधन की पुष्टि की है। जांच एजेंसियों ने इस मामले को उत्तराखंड का सबसे बड़ा भूमि मुआवजा घोटाला करार दिया है।

एनएच-74 प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि किस प्रकार अफसरशाही और भ्रष्टाचार की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग किया गया। अब इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज हो गई है, और उम्मीद है कि आने वाले समय में कड़ी सजा के साथ एक सख्त मिसाल पेश की जाएगी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चयन प्रक्रिया शुरू, केंद्रीय नेतृत्व ने किया चुनाव प्रभारी नियुक्त

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment