देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बुधवार, 25 जून को सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी कार्यक्रमों को अगली सूचना तक स्थगित किए जाने के मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। इसके अलावा, बैठक में कई विभागीय प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया होगी आसान
कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाया गया यह प्रस्ताव बताता है कि अब परिवार रजिस्टर की नकल के आधार पर भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा सकेंगे। इससे आम जनता को राहत मिलेगी और योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।
ब्लॉक स्तर पर गठित होंगी रोगी कल्याण समितियां
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के हर ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समितियों के गठन का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य प्रबंधन में भागीदारी बढ़ेगी।
शिक्षा विभाग की ट्रांसफर प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
बैठक में शिक्षा विभाग की शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल सकती है। यह कदम लंबे समय से चली आ रही पारदर्शिता की मांग को पूरा करेगा और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाएगा।
महिला नीति और नंदा गौरा योजना में बदलाव संभव
धामी सरकार की इस बैठक में महिला सशक्तिकरण के लिए नई महिला नीति पर भी मुहर लग सकती है। इसके साथ ही नंदा गौरा योजना के तहत बालिकाओं को मिलने वाले लाभ में विस्तार करते हुए, 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद किसी स्किल आधारित कोर्स को पूरा करने पर अतिरिक्त सहायता राशि देने का प्रस्ताव भी लाया गया है।
खेल अकादमियों और भूमि मुक्तिकरण जैसे प्रस्ताव भी एजेंडे में
देहरादून के रायपुर क्षेत्र में फ्रीज की गई भूमि को फ्रीज मुक्त करने संबंधी प्रस्ताव
प्रदेश के 8 शहरों में 23 नई खेल अकादमियां स्थापित करने के लिए लेगेसी प्लान ड्राफ्ट
इन दोनों प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
उपनल कर्मचारियों के लिए नीति तय करने की तैयारी
बैठक में उपनल के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक ठोस नीति तैयार करने पर भी विचार किया जाएगा। इस नीति से हजारों संविदा कर्मियों को राहत मिल सकती है।






