उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हरिद्वार को छोड़कर राज्य के शेष 12 जिलों में अगले माह पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनके लिए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग स्तर पर व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
66 हजार से अधिक पदों के लिए होंगे सीधे चुनाव
इस बार पंचायत चुनाव में कुल 66,415 पदों पर प्रतिनिधियों का सीधा चुनाव होना है। इन पदों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल हैं। चुनाव में करीब 47.72 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
दो करोड़ से अधिक मतपत्रों की छपाई पूर्ण
चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दो करोड़ से अधिक मतपत्रों की छपाई पहले ही पूरी की जा चुकी है। साथ ही दोनों मंडलों में संबंधित उप निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव से जुड़े कार्मिकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
144 चुनाव चिह्न होंगे इस्तेमाल, नाम की जगह चिह्न ही पहचान
पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों के नाम मतपत्र पर नहीं होते, केवल निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनाव चिह्न ही होते हैं। इस बार कुल 144 चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें प्रत्याशियों को नाम की वर्णमाला के क्रम में आवंटित किया जाएगा।
आरक्षण प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन और अधिसूचना जल्द
पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन बुधवार को किया जाएगा। इसके बाद 19 जून को यह प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपा जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इसके एक-दो दिन बाद ही चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
मतदाता को मिलेंगे चार रंगों के मतपत्र
पंचायत चुनाव में एक मतदाता को चार अलग-अलग पदों के लिए मतदान करना होगा। इसके लिए मतदाता को चार अलग-अलग रंगों के मतपत्र दिए जाएंगे:
| पद | मतपत्र का रंग |
|---|---|
| जिला पंचायत सदस्य | गुलाबी |
| क्षेत्र पंचायत सदस्य | नीला |
| ग्राम प्रधान | हरा |
| ग्राम पंचायत सदस्य | सफेद |
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