उत्तराखंड सरकार को ग्रामीण महिलाओं की दो टूक: "हाईवे पर बार खुला तो पंचायत चुनावों से करेंगे किनारा" - Doonprimenews
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उत्तराखंड सरकार को ग्रामीण महिलाओं की दो टूक: “हाईवे पर बार खुला तो पंचायत चुनावों से करेंगे किनारा”

On: June 13, 2025 10:59 AM
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बैजनाथ-ग्वालदम हाईवे पर शराब बार खोले जाने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल कनेक्शन दिलाने के नाम पर उनसे धोखे से कागज़ों पर हस्ताक्षर कराए गए, जबकि अब उन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर क्षेत्र में बीयर बार खोलने की तैयारी की जा रही है। इस संभावित कदम के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध की बिगुल बजा दी है और चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जबरन बार खोलने की कोशिश की, तो वे आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

शुक्रवार को रावतकोट, झालामाली और मेलाडुंगरी की बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील कार्यालय पहुंचीं और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर बार खोले जाने की योजना है, वह प्रसिद्ध कोट भ्रामरी मंदिर के मार्ग में स्थित है। यह मंदिर क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का केंद्र है, और इस रास्ते से स्कूली बच्चे भी प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। क्षेत्र में हनुमान मंदिर और एक हेलीपैड भी है, जो इसे धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील बनाता है।

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ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बार खुलने से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होंगी, बल्कि इसका नकारात्मक असर बच्चों और युवाओं पर भी पड़ेगा। युवाओं में नशाखोरी की प्रवृत्ति बढ़ सकती है और महिलाओं की खेतों में आवाजाही भी प्रभावित होगी। बार के इर्द-गिर्द का माहौल अशांत हो सकता है, जिससे गांव की सामाजिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

इस क्षेत्र में लगभग 2200 की आबादी है और करीब 500 परिवार कृषि पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी सूरत में बीयर बार खोलने की अनुमति नहीं देंगे। यदि उनकी अनदेखी की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

विरोध प्रदर्शन के दौरान दीपा देवी, गंगा देवी, माया देवीज्, चंपा देवी, गीता देवी, भावना देवी, ललिता देवी, पुष्पा देवी समेत अनेक ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गिरीश कोरंगा, सामाजिक कार्यकर्ता दिग्विजय फर्सवाण सहित अन्य लोगों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।

ग्रामीणों ने तहसीलदार निशा रानी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा, जिसमें बार खोलने की योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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