देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय एक बार फिर सुरक्षा चूक को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। गुरुवार को सचिवालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक उपनलकर्मी ने छुट्टी से जुड़े विवाद में अनुसचिव पर पिस्टल तान दी। मामूली बात पर शुरू हुई बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई, जिसमें अनुसचिव को चोटें भी आईं। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खुद से छुट्टी भरने पर हुआ विवाद
शहर कोतवाली में दी गई तहरीर में अनुसचिव बलवंत सिंह भाकुनी ने बताया कि उपनलकर्मी हरीश सिंह ध्यानी सचिवालय में उनके अधीन कार्यरत है। बीते कुछ दिनों से वह बिना सूचना कार्यालय से गैरहाज़िर था। गुरुवार को जब वह कार्यालय पहुंचा, तो बिना किसी अनुमति के खुद की उपस्थिति दर्ज करने लगा और रजिस्टर में अपनी अनुपस्थिति काटने लगा। अनुसचिव ने जब उसे ऐसा करने से रोका, तो वह बिफर उठा और जेब से पिस्टल निकालकर सीधे उन पर तान दी।
गाली-गलौज और हाथापाई, सुरक्षाकर्मियों ने छीनी पिस्टल
भाकुनी के अनुसार, आरोपी ने न सिर्फ पिस्टल तानी, बल्कि गाली-गलौज भी की। बचाव के प्रयास में दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें अनुसचिव को हाथ पर चोट आई। शोर सुनकर तत्काल सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और आरोपी से पिस्टल छीन ली।
एयर पिस्टल निकली, लेकिन बड़ा सवाल सुरक्षा पर
कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि आरोपी के कब्जे से जो हथियार बरामद हुआ है, वह एयर पिस्टल है। हालांकि, इससे किसी की जान को तत्काल खतरा नहीं था, लेकिन सचिवालय जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का हथियार पहुंच जाना, गंभीर चिंता का विषय है। आरोपी के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली
सचिवालय की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। पिछले दिनों एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ मारपीट और ठगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गेट पर कड़ी चेकिंग के बावजूद एक कर्मचारी द्वारा पिस्टल भीतर लाया जाना सुरक्षा प्रणाली की विफलता को दर्शाता है।
सवाल यह उठता है कि क्या सचिवालय जैसी महत्वपूर्ण इमारत की सुरक्षा केवल औपचारिक जांच तक सीमित रह गई है? यह घटना आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग को और मजबूत कर सकती है।
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