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Uttarakhand Skill Development: उत्तराखंड बनेगा डिजिटल प्रतिभा का हब, तीन महत्वपूर्ण समझौते संपन्न

On: June 5, 2025 6:29 AM
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और उन्हें भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को सेतु आयोग, टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के बीच इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने इन समझौतों को राज्य के लिए परिवर्तनकारी पहल बताया।

शैक्षणिक क्रेडिट के साथ रोजगार परक पाठ्यक्रम
राज्य के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में अब रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक क्रेडिट के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक मॉडल कॉलेज को मेंटर संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। इस योजना से लगभग 1.5 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा, जिन्हें भविष्य की मांगों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

टाटा ट्रस्ट से दीर्घकालिक साझेदारी
टाटा ट्रस्ट के साथ हुए समझौते के तहत आने वाले 10 वर्षों तक जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन और ग्रीन एनर्जी जैसे सामाजिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति मिलेगी।

फ्यूचर स्किल्स प्राइम प्लेटफॉर्म से छात्र होंगे सशक्त
नैस्कॉम के साथ हुए समझौते के तहत छात्रों को ‘फ्यूचर स्किल्स प्राइम’ प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिसके जरिए उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, पायथन और जनरेटिव एआई जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे छात्रों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।

वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से स्टार्टअप और पर्सनैलिटी डेवेलपमेंट पर फोकस
वाधवानी फाउंडेशन के साथ हुए तीन वर्षीय समझौते के अंतर्गत राज्य के सभी सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई आधारित पाठ्यक्रमों को आगामी सत्र से शुरू किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक क्रेडिट के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे करीब 1.20 लाख छात्र स्वरोजगार, उद्यमिता और व्यक्तित्व विकास जैसे क्षेत्रों में लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री का विजन: उत्तराखंड को डिजिटल और एआई हब बनाना
मुख्यमंत्री धामी ने इन समझौतों को उत्तराखंड को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी का हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के साथ-साथ 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप सॉफ्ट स्किल्स और तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित करेगी।

कार्यक्रम में रहे कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा, नैस्कॉम स्किल काउंसिल की सीईओ अभिलाषा गौड़, वाधवानी फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सुनील दहिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

यह पहल उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रही है, जहां तकनीक और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
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