महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब अगर कोई अन्य विभाग, जैसे पंचायत, शिक्षा या जनगणना विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कोई अतिरिक्त कार्य लेना चाहता है, तो उन्हें पहले महिला एवं बाल विकास विभाग से “अनापत्ति प्रमाण पत्र” (NOC) प्राप्त करना होगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि संबंधित विभाग उन्हें यात्रा और भोजन भत्ता भी प्रदान करें।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया अब हर साल नियमित रूप से चलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपरवाइजर के कुल पदों में से 50 प्रतिशत पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ही पदोन्नति दी जाए। इसके अलावा, सहायिकाओं को भी कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति में प्राथमिकता देने संबंधी आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।
मंत्री रेखा आर्या ने यह स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 से सेवा निवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कल्याण कोष के अंतर्गत एक बार में सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत कार्यकर्ता और विभाग, दोनों प्रति माह सौ-सौ रुपये का योगदान करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति निकट है, उनका पूरा विवरण कम से कम एक माह पूर्व तैयार कर लिया जाए ताकि भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मानदेय में समय से भुगतान न होने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2025 तक राज्यांश का भुगतान कर दिया गया है और केंद्रांश का भुगतान भी जल्द किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन योजना शुरू करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठा रही है।
यह भी पढ़ें : देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने की सख्त पहल, सभी विभागों को तालमेल से कार्य करने के निर्देश










