देश में एक बार फिर कोविड-19 वायरस ने दस्तक दी है। बिहार की राजधानी पटना स्थित एम्स में एक महिला डॉक्टर, एक नर्स और अन्य स्टाफ समेत कुल 6 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। यह नए संक्रमणों की शुरुआत मानी जा रही है, क्योंकि 31 वर्षीय एक युवक में संक्रमण की पुष्टि के साथ ही राज्य में इस लहर का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं बताई।
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयाँ और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि संक्रमित युवक की कोई यात्रा हिस्ट्री नहीं है और उसका इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। संक्रमण फिलहाल हल्का है लेकिन निगरानी कड़ी है।
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कोविड की इस नई लहर का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारी लोबसांग जांपा ने बताया कि बेंगलुरु से ईटानगर लौटी एक गर्भवती महिला और उसकी 53 वर्षीय मां की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। महिला में हल्के लक्षण पाए गए हैं और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि उसकी मां को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक वायरस का नया स्वरूप पिछले वेरिएंट्स की तुलना में कम गंभीर प्रतीत हो रहा है, लेकिन यह पूरी तरह हल्के में लेने की बात नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) से सलाह के बाद जल्द ही एक विस्तृत सार्वजनिक स्वास्थ्य मार्गदर्शिका जारी की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन मास्क, सैनिटाइज़र और सामाजिक दूरी जैसे जरूरी एहतियात अपनाएं।
यह भी पढ़ें : उमसभरी गर्मी में बिजली संकट: देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बेहाल लोग










