क्रौंच पर्वत की पवित्र भूमि से आज भगवान कार्तिक स्वामी की आठ दिवसीय बद्रीनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। इस विशेष तीर्थयात्रा में देशभर से श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। कार्तिकेय मंदिर समिति के सदस्य, पदाधिकारी और सैकड़ों भक्त इस आध्यात्मिक यात्रा में सम्मिलित होने के लिए पहले ही क्रौंच पर्वत तीर्थ पहुंच चुके हैं। मंदिर परिसर में विशेष पूजन और आरती के बाद यात्रा का आरंभ हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया।
यह यात्रा विभिन्न देवी-देवताओं के ध्वज और प्रतीकों के साथ तल्ला नागपुर के घिमतोली गाँव के सुवारी ग्वास से निकल चुकी है और 2 जून को बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालु अनेक पवित्र मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराएगी बल्कि भक्तों को देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ेगी।
यह पहली बार है जब भगवान कार्तिक स्वामी की बद्रीनाथ यात्रा का आयोजन सीधे क्रौंच पर्वत तीर्थ से हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों और भक्तों में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। चार जून को यात्रा अपने आरंभिक स्थल यानी क्रौंच पर्वत पर समाप्त होगी। यह आयोजन केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, एकता और परंपरा का एक अद्भुत संगम बन गया है।
यात्रा के समापन के बाद पांच जून से विश्व शांति और कल्याण हेतु ग्यारह दिवसीय महायज्ञ एवं पुराणवाचन का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान भक्तों को न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र में पुण्य और सकारात्मकता की अनुभूति भी कराएगा।
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