देहरादून के जाखन क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब 54 वर्षीय अजय भटेजा उर्फ राजू का शव उनके ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। अजय भटेजा सरकारी स्टेशनरी सप्लायर थे और जाखन के कृष्णानगर स्थित अपने मकान में अकेले रहते थे। उन्होंने घरेलू कार्यों के लिए एक महिला को काम पर रखा था, जो प्रतिदिन सुबह सात से आठ बजे के बीच आती थी।
सोमवार सुबह जब वह महिला रोज की तरह करीब आठ बजे घर पहुंची तो देखा कि मुख्य द्वार खुला हुआ है। अंदर प्रवेश करने पर कमरे का दृश्य देखकर वह चीख पड़ी। कमरे में अजय भटेजा औंधे मुंह पड़े थे, उनके आसपास खून फैला हुआ था और नाक से भी खून बह रहा था।
घटना की सूचना तुरंत पटेलनगर में रहने वाली उनकी बहन वीना को दी गई, जो अपने बेटे के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। जांच में कमरे के पंखे पर एक चुनरी बंधी पाई गई, लेकिन गले पर कोई निशान नहीं मिले। कमरे में स्टूल या कुर्सी भी नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने फांसी नहीं लगाई थी।
सीसीटीवी और डीवीआर गायब, हत्या की साजिश की आशंका
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया—घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर दोनों गायब थे। इससे यह शक और गहराया कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में हत्या से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों से पूछताछ जारी है, जिनमें अजय भटेजा के करीबी लोग भी शामिल हैं।
मुंह ढके दो संदिग्ध कैमरे में कैद, जहर देकर हत्या की आशंका
माना जा रहा है कि घटना तड़के चार बजे के करीब की है। उस समय घर में अजय भटेजा के साथ एक युवक और एक युवती मौजूद थे। मकान के ऊपरी हिस्से में किरायेदार रहते हैं, जिनके मुताबिक सुबह किसी तरह की हलचल सुनकर वे नीचे आए। उनकी आहट सुनते ही दोनों संदिग्ध वहां से भाग गए। पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे में दोनों की तस्वीरें कैद हुई हैं, जिनमें उनके मुंह ढके हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि अजय को किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कराकर मारा गया और आरोपित मौके से सीसीटीवी और डीवीआर लेकर फरार हो गए।
बाहर कार में बैठा था सौतेला भाई, जांच के घेरे में
एक और अहम पहलू यह है कि घटना के वक्त अजय भटेजा का सौतेला भाई सन्नी घर के बाहर कार में बैठा था। बताया गया कि अजय ने उन्हें घर के अंदर बुलाया भी था, लेकिन वे अंदर नहीं गए और मैक्स अस्पताल चले गए। पुलिस ने सन्नी को पूछताछ के लिए बुलाया है, जहां उसने यही बात दोहराई है।
पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिससे पुलिस को केस दर्ज करने में असमंजस की स्थिति है। डॉक्टरों की सलाह पर मृतक का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। देर शाम तक मृतक के परिजनों की ओर से भी कोई लिखित शिकायत पुलिस को प्राप्त नहीं हुई थी।
फिलहाल पुलिस हर कोण से जांच कर रही है और दो संदिग्धों की तलाश जारी है। यह मामला रहस्य और साजिश के कई पहलुओं को उजागर करता नजर आ रहा है।





