नई टिहरी में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। खासकर मोलधार क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक हो गए जब बरसाती नाले की निकासी बाधित होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर वाल्मीकि बस्ती में जा घुसा। यह सारा मलबा और पानी सीधे लोगों के घरों में दाखिल हो गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना के वक्त अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। अचानक घरों में पानी और मलबा घुसने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई मकानों में चार से पांच फीट तक मलबा भर गया। सबसे अधिक नुकसान राजू, रमेश, शिवचरण, सुनील, बबलू और बालेश के घरों को हुआ है। इनके घरों में रखा राशन, कपड़े, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया।
इसी के साथ निर्माणाधीन केंद्रीय विद्यालय और आंचल डेयरी के पास बहने वाले गदेरे से भी भारी मात्रा में मलबा बहकर मुख्य सड़क पर फैल गया। इससे क्षेत्र में यातायात बाधित हो गया और स्कूल बस समेत अन्य वाहन मोलधार होते हुए मुश्किल से अपनी मंजिल तक पहुंचे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती, तो इस तरह की आपदा से बचा जा सकता था। प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा प्रदान किया जाए।





