देहरादून की यातायात व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव जल्द ही देखने को मिल सकता है। अब दिल्ली से मसूरी जाने वाले यात्रियों को देहरादून शहर की तंग गलियों और ट्रैफिक से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसकी वजह है एक नई योजना, जिसके तहत तीन एलिवेटेड रोड एक-दूसरे से जुड़कर एक निर्बाध मार्ग तैयार करेंगी। इस परियोजना से न केवल स्थानीय यातायात को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली से मसूरी जाने वाले पर्यटकों को भी तेज़ और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा।
शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं, तीन एलिवेटेड रोड बनाएंगी आसान राह
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित इस योजना के तहत दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को बिंदाल और रिस्पना नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि ये रोड धरातल से नहीं, बल्कि हवा में एक-दूसरे से मिलेंगी। यानी दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन मोहकमपुर रेलवे ओवर ब्रिज से सीधे एलिवेटेड मार्ग पर चढ़ेंगे और आशारोड़ी होते हुए मसूरी रोड की ओर निकल जाएंगे।
डाटकाली टनल के बाद बिना रुके मिलेगा रिस्पना-बिंदाल कारिडोर से जुड़ाव
गणेशपुर से डाटकाली तक पहले ही 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनकर तैयार है, जो 1500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुआ है। डाटकाली टनल पार करने के बाद वाहन सीधे एक फ्लाईओवर से होकर दूसरी एलिवेटेड रोड से जुड़ेंगे, जो उन्हें रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड रोड तक पहुंचाएगी।
इंटरचेंज बनाए जाएंगे कारगी और रिस्पना पुल क्षेत्र में
इस पूरे नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो इंटरचेंज भी प्रस्तावित हैं—कारगी और रिस्पना पुल क्षेत्र में। इसके माध्यम से यात्री हवा में ही एलिवेटेड मार्ग बदल सकेंगे और बिना शहर में उतरे मसूरी की ओर निकल जाएंगे।
मुख्यमंत्री की गडकरी से मुलाकात के बाद मिली परियोजना को रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हाल ही में हुई बैठक के बाद इस परियोजना को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार यदि समय रहते भूमि अधिग्रहण और उपयोगिताओं की शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लेती है, तो एनएचएआई इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर बैठकें भी प्रारंभ हो चुकी हैं।
तीन बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर देंगे सफर को नया आयाम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (गणेशपुर से डाटकाली तक):
लंबाई: 12 किमी
लागत: 1500 करोड़ रुपये
स्थिति: निर्माण पूर्ण, संचालन शुरू होने की प्रतीक्षा
मोहकमपुर से आशारोड़ी तक एलिवेटेड रोड:
लागत: लगभग 1100 करोड़ रुपये
स्थिति: डीपीआर अंतिम चरण में
रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड:
लागत: लगभग 6200 करोड़ रुपये
स्थिति: भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी
निष्कर्ष
देहरादून शहर और मसूरी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह योजना एक वरदान साबित हो सकती है। न केवल यह ट्रैफिक को कम करेगी, बल्कि पर्यटकों को एक नया अनुभव देगी। “डबल इंजन” सरकार की यह पहल उत्तराखंड के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक और सशक्त कदम है।





